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Admission : Admission Procedure


 

 

Admission procedure

 

Session 2018-19

 

 

Now student can apply on the university website to take admission. Follow the website link or check the news corner on this site.

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Admission Form filling procedure for all U.G. courses (B.A. / B.Sc. / B.Com / B.B.A. / B.C.A. / LLB 5year) started from 16-04-2018.

 

In case of any problems related to this website, please contact us on mjpruadmissions2018@gmail.com or call us on 9759257956 / 9759253429 / 9634417528 / 9759258163 between 10:30 AM till 05:30 PM with your Login id.

 

 

Courses:-

 

(A) बायो ग्रुप :

  ()                                                                     ()                                      ()

             जन्तु विज्ञान                    वनस्पति विज्ञान                     रसायन विज्ञान

               अथवा                                                   अथवा                                                अथवा

    इंडिस्ट्रियल माइक्रोबायोलोजी                    पर्यावरण विज्ञान          औधोगिक रसायन

              अथवा                                                                                              अथवा  

         बायोटेक्नोलोजी                                                                          सैन्य अध्ययन

(B)  मैथ ग्रुप :

            ()                                          ()                                           ()

            भौतिक विज्ञान                               रसायन विज्ञान                       गणित

                                             अथवा

     सांख्यकी

      अथवा

                                                       औधोगिक रसायन                                                            

     अथवा

 सैन्य अध्ययन

 

उक्त दोनों Groups के , , एवं में से अभ्यर्थी एक विषय का ही चयन कर सकता है।

 कला संकाय के अंतर्गत विषय संयोजना निमन्वत होगा

(1(1)  -- प्रथम वर्ष एवं दिदूत्य वर्ष में हिन्दी भाषा एवं अंग्रजी भाषा में से एक विषय लेना अनिवार्य है।

(2(2)  अभ्यर्थी अधिकतम दो साहित्य विषयों का चयन कर सकता है

() अरबी अथवा फारसी में से एक विषय।

() संकृत अथवा उर्दू में से एक विषय।

() अंग्रेजी साहित्य एवम हिंदी साहित्य में हिंदी साहित्य मे एम् अथवा दोनों विषय।  

 

(3) अभ्यर्थी महाविद्यालय मे संचालित प्रायोगिक विषय मे से किन्ही दो विषयों का चयन कर सकता है।

(4(4)  अभ्यर्थी गणित अथवा सांख्यकी मे एक विषय का चयन कर सकता है।

(5(5)  अभ्यर्थी शिक्षाशास्त्र, मनोविज्ञान एवम दर्शनशास्त्र में से एक विषय का चयन कर सकता है।

(6(6)  अभ्यर्थी अर्थशास्त्र, समाजशास्त्र, राजनीतिशास्त्र एवं इतिहास विषय में से अधिकतम दो विषयों का चयन कर सकता है।

(7(7)  अनिवार्य अहर्ता विषय पर्यावरण की परीक्षा में प्रथम वर्ष में संसथान तथा द्वित्य वर्ष में वियक्तिगत छात्र ही सम्मिलित हों। पर्यावरण विषय में अनुत्तीर्ण छात्रों को ही त्रत्तीय वर्ष की परीक्षा में सम्मिलित कराया जाए। त्रत्तीय वर्ष के परीक्षा फार्म में छात्रों द्वारा यह स्पष्ट उल्लेख किया जाए की वह पर्यावरण विषय की परीक्षा में सम्मिलित होना चाहता है।

(2 2-     डिग्री पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में प्रवेश की अहर्ता उस विषय के अध्यादेश में वर्णित योग्यता के अनुरूप होगी। जैसा की निचे उल्लेख है।

(3 3      - () विधार्थी को अगली कक्षा में प्रवेश की अनुमति तभी दी जाएगी जब वह पूर्व कक्षा की परीक्षा में उत्तीर्ण हो. () जो विधार्थी प्रथम, द्वित्य एवं त्रितीय वर्ष में परीक्षा सुधार में हक़दार हैं, उनेहे दित्य, त्रत्य एवम चतुर्थ वर्ष में प्रोन्नत देकर प्रवेश की अन्तिम दी जायगी, ब्सरतें की वे लिखित परीक्षा में तेतीस प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों परन्तु यह नियम उस स्थिति में ही लागु होगा जब सुधर परीक्षा मुख्य परीक्षा के साथ सम्पन हो।

() 3() के अंतर्गत प्रदत्त व्यवस्था केवल एल- एल-बी- सहित स्नातक स्टार के पाठ्यक्रमों पर लागु (प्रयोज्यहोगी।

() किसी भी कक्षा में अनुत्तीर्ण हुए छात्र को परीक्षा सुधार परीक्षा में सम्मिलित होकर उत्तीर्ण होने की प्रत्याशा में अगली कक्षा में प्रवेश नहीं दिया जायेगा अर्थात पाठ्यक्रम में प्रवेश के समय छात्र अर्ह होना चाहिए।

4-  () परीक्षार्थी को बी.-/बी.एस-सी-/बी-कॉम-/एल-एल-बी- (सेमिस्टर सिस्टम)/बी-बी--/बी-सी-- की परीक्षा

अधिकार 6 वर्ष की अवधी में. एम--/एम-एस-सी-/एम-कोम-/एल-एल-एम-/एम-बी--, पूर्णकालिक 4 वर्ष की अवधी में, बी-एस-सी- (कृषि) एवं बी-टेक-/बी-टेक-/बी-- पाठ्यक्रमों की 8 वर्ष की अवधी में और विधि पांच वर्षीय पाठ्यक्रम की परीक्षा 10 वर्ष की पूर्ण करनी होगी। वर्ष की गणना उस शैक्षिक सत्र से की जाएगी जिस सत्र में विधार्थी ने प्रथम बार पाठ्यक्रम में प्रवेश प्राप्त किया है या परीक्षा दी हो। यह नियम सत्र 2001-2002 से प्रभावी है।

() यु-एफ-एम- के छतों को उतने वर्ष अधिक मिलेंगे जितने वर्ष तक वे परीक्षा से वंछित होते हैं।

() राष्ट्रीय अथ्यापक शिक्षा परिषद् के नियमानुसार दिवर्षीय बी.एड- एवं एम-एड- प्रवेश की तिधि से  अधिकतम तीन वर्ष में उत्तीर्ण करना होगा.

5-    () परीक्षार्थी को () में दर्शायी गयी अनुमन्य समय सीमा के अंतर्गत स्नातक पाठ्यक्रम की परीक्षा उत्तीर्ण/पूर्ण करने पर पुन: उसी स्नातक पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.

6-     जो विधार्थी प्रयोगात्मक परीक्षा के कारन अनुत्तीर्ण हो जाते हैं उन्हें प्रयोगों को पूर्ण करने के लिये भूतपूर्व छात्र के रूप में प्रवेश की अनुमति होगी.

7-     विधार्थी को किसी अन्य पाठ्यक्रम में प्रवेश की अनुमति तब तक नहीं होगी जब तक की वह उस पाठ्क्रम को पूर्ण नहीं कर लेता है जिससे वह पहले से प्रवेश ले चूका है अर्थात दो पाठ्यक्रम एक साथ करने की अनुमति नहीं होगी अर्थात दोनों पाठ्यक्रमों में से किसी एक का चयन करने का विकल्प परीक्षार्थीथ को होगा.

8-    () छात्र एक बार स्नातक उपाधि प्राप्त करने के उपरांत इस विश्वविद्यालय से पुनः अन्य किसी संकायांतार्गत सनातक उपाधि प्राप्त करने हेतु अर्ह नहीं होगा.

() यदि कोई छात्र/छात्रा जिसने किसी भी स्नातक अथवा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के प्रथम वर्ष में प्रवेश ले लिया हैं. और तदन्तर वह प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम को पूर्ण किये बिना उसे अधुरा छोड़कर अन्य किसी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेता है, तो वह मान्य नहीं होगा एवं छात्र/छात्रा के पूर्व के स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम का प्रवेश स्वत: निराकरन हो जायेगा एवं शुल्क वापस नहीं होगा, परन्तु यदि कोई छात्र/छात्रा स्नातकोत्तर प्रथम वर्ष उत्तीर्ण करने के पश्चात मात्र बी.एड- में प्रवेश पता है तो उसे पूर्व के पाठ्यक्रम को पूर्ण करने हेतु अनुमति प्रदान की जाएगी.

9- जो विद्यार्थी किसी अन्य विश्विद्यालय द्वारा संचालित पाठ्यक्रम की परीक्षा के पार्ट (भाग एक, दो अथवा तीन) परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो गए हैं उन्हें इस विश्विद्यालय में प्रवेश अनुमत नहीं होगा, किन्तु विश्विद्यालय में विद्यार्थियों को स्नातक की अगली उच्च कक्षा में प्रवेश के लिए अनुमत कर सकता है जिन्होंने पूर्वे कक्षा किसी मान्यता प्राप्त विश्विद्यालय के उत्तीर्ण की हो. परन्तु यह प्रवेश निम्न के अधीन होगा-

() संबधित विषय की पाठ्यक्रम समिति (बोर्ड ऑफ स्टडीज़) के संयोजक एवं संबधित संकाय के अधिष्ठाता  की संस्तुति और  प्रवेश समिति के अनुमोतन के पश्चात् छात्र को प्रवेश दिया जायेगा और प्रवेश के समय उल्लिखित शर्तों को पूरा करना होगा.

() ऐसे विधार्थी विश्विद्यालय के निर्धारित सभी सभी स्नातक पाठ्यक्रम में अध्ययन कर सकेगे.

() यह नियम स्नातकोत्तर, प्रबंधन, अभियान्त्रिकी कक्षाओ पर लागु नहीं होगा.

() किसी अन्य विश्विद्यालय में अनुचित साधन प्रयोग (नक़ल) में दण्डित छात्र का प्रवेश किसी भी पाठ्यक्रम में नहीं होगा.

10-    जिन विधार्थियों ने अदीब/अदीब--माहिर/अदीब--कामिल/फाजिल उत्तीर्ण किया है वे (10+2) होने पर स्नातक एवं (10 +2+3) होने पर ही परास्नातक में प्रवेश हेतु अर्ह होंगे.

11-    () जिन विधार्थियों ने किसी भी स्नातक/स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के किसी भी वर्ष की परीक्षा वियक्तिगत परीक्षार्थी के रूप में उत्तीर्ण की है उसे उसी पाठ्यक्रम की अगली कक्षा में नियमित प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.

() एक विषय से स्नातक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रों को संस्थागत रूप में प्रवेश नहीं दिया जायेगा. किन्तु प्रयोगात्मक विषय वाले छात्र को प्राचार्य की अनुमति से कक्षा में पढने की अनुमति होगी किन्तु वह संस्थागत छात्र नहीं मन जायेगा और ऐसे छात्रो की संख्या स्वीकृत कुल सीटों की संख्या के अतिरिक्त मणि जाएगी अर्थात ये स्थान अधिसंख्य होंगे, ऐसे छात्र संस्थागत परीक्षा फार्म भरेंगे. एक विषय में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थी अपने पूर्व के स्ट्रीम में ही प्रवेश/परीक्षा दे सकेगे. एकल विषय में स्नातक परीक्षा में सम्मिलित होने वाले छात्रों का स्नातक अंतिम वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण करने के अधिकतम पांच वर्ष के अंतर्गत उत्तीर्ण करना होगा. यह नियम सत्र 2014 -2015 से लागू हैं.

12-    स्नातकोत्तर स्तर के समस्त विषयों में प्रवेश हेतु न्यूनतम शैक्षिक योग्यता स्नातक स्तर की परीक्षा 45 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण होना होगा. अनुसूचित/अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों (जिनका जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न हो) के लिए 45 प्रतिशत प्राप्तांकों (स्नातक स्तर की परीक्षा में) की बाध्यता नहीं होगी.

13-    बी-एड- (वोकेशनल). बी-एड- (स्पेशल), एम-एड-/एप्लाईड एम-एड-एल-एल-बी-, एम-एस-सी-/एल-एल-एम-/बी. -/बी-टेक-/कक्षाओं में प्रवेश सम्मिलित प्रवेश परीक्षा के द्वारा होंगे. जब तक राज्य सरकार अथवा विश्विद्यालय की प्रवेश समिति कोई अन्य प्रवेश प्रक्रिया निर्धारित करें.

14-    विश्वविद्यालय द्वारा यथाशीघ्र ही एक समतुल्यता समिति का गठन किया जायेगा जो अन्य संस्थानों द्वारा प्रदत्त उपाधियो के विवादों, परीक्षा प्रणाली, पत्राचार पाठ्यक्रम और अन्य समस्याओं का निस्तारण करेगी.

15-    इस विश्विद्यालय या किसी अन्य विश्विद्यालय में पी-एच-डी- के लिय पंजीकृत विद्यार्थी इस विश्वविद्यालय के अन्य किसी उपाधि पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए तब तक अर्ह नहीं होंगे जब तक वह अपना शोध ग्रन्थ सम्बंधित विश्विद्यालय में जमा नहीं कर देते हैं तथा प्रवजन प्रमाण पत्र विश्विद्यालय में जमा नहीं करतें। 

16- विश्विद्यालय परिसर और इस विश्विद्यालय से सम्बद्ध महाविद्यालय के किसी पाठ्यक्रम में दुसरे विश्विद्यालय के छात्रों को प्रवेश की अनुमति तब तक नहीं होगी जब तक वह पाठ्यक्रम समतुल्य समिति/संकायाध्यक्ष से अनुमोदित नहीं हो. ऐसे पाठयकर्मो में प्रवेश जिसका अनुमोदन समतुल्य समिति/संकयाध्यक्ष द्वारा अनुमोदित नहीं किया गया हैं. में प्रवेश देने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति उसके सुनिश्चित परिणामों (आर्थिक, छात्रों का अहित आदि) के लिए व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होंगे।

17-    जिस छात्र ने स्नातकोत्तर उपाधि पहले से ही संस्थागत या व्यक्तिगत रूप से अर्जित कर ली हो, उसको नियमित अर्थात संस्थागत छात्र के रूप में एल-एल-ऍम-/ऍम-एड- को छोड़कर अन्य स्नातकोत्तर पाठयकर्मो में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. 17-    जिस छात्र ने स्नातकोत्तर उपाधि पहले से ही संस्थागत या व्यक्तिगत रूप से अर्जित कर ली हो, उसको नियमित अर्थात संस्थागत छात्र के रूप में एल-एल-ऍम-/ऍम-एड- को छोड़कर अन्य स्नातकोत्तर पाठयकर्मो में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी.

18-    विदेशी छात्र जब तक विश्विद्यालय से प्राप्त अपेक्षित पात्रता प्रमाण पत्र और समस्त विश्वासी अभिलेख जनपद के पुलिस विभाग एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निकासी प्रमाण सहित कालेज के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है तब तक उसे किसी भी कालेज से द्वारा किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जायेगा. यही नियम विश्विद्यालय परिसर में स्थित विभागों पर सामान रूप से लागू होगा। 18-    विदेशी छात्र जब तक विश्विद्यालय से प्राप्त अपेक्षित पात्रता प्रमाण पत्र और समस्त विश्वासी अभिलेख जनपद के पुलिस विभाग एवं गृह मंत्रालय, भारत सरकार के निकासी प्रमाण सहित कालेज के समक्ष प्रस्तुत नहीं करता है तब तक उसे किसी भी कालेज से द्वारा किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जायेगा. यही नियम विश्विद्यालय परिसर में स्थित विभागों पर सामान रूप से लागू होगा।

19.    जिस विधार्थी ने एक शैक्षिक सत्र में उपस्थिति पूर्ण कर ली हो और वह परीक्षा में नहीं बैठता या विश्विद्यालय परीक्षा में अनुत्तीर्ण हो जाता है तो उसे पुनः उसी कक्षा या पाठ्यक्रम में नियमित प्रवेश नहीं दिया जायेगा। वह भूतपूर्व छात्र के रूप में आवेदन करने हेतु अर्ह होगा।

 स्पष्टीकरण- जो छात्र प्रवेश लेने के पश्चात अन्यत्र कहीं चला जाता है और परीक्षा फार्म आदि नहीं भरता है, वह अगले वर्ष भूतपूर्व छात्र के रूप मे तभी सम्मिलित होगा जब उसने संस्थागत छात्र के रूप में 7.5 उपस्थिति पूर्ण कर ली हो।

20.    एम॰एस॰सी-सी॰ (सभी विषय) एवं एम॰ए॰ (गणित, भूगोल, मनोविज्ञान, संगीत, चित्रकला, गृह विज्ञान) में प्रवेश के लिए निम्न अतिरिक्त नियम निहित होगा।

() निर्धारित संख्या (स्वीकृत सीटों) से अधिक विद्यार्थीयों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा अन्यथा महाविधालय तथा उसके प्राचार्य के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

() स्नातकोत्तर पाठ्यकर्मों में प्रवेश के लिए न्यूनतम पात्रता शर्त उपयुक्त नियमों के अनुसार त्रिवर्षीय बी॰एस-सी॰ और बी॰ए॰ परीक्षा में द्वितीय श्रेणी के अंक (45% से किसी भी दशा में कम हो) और एम॰एस-सी॰/एम॰ए॰ संबन्धित ऐचिछक विषय जिसमे प्रवेश चाहता है उसमे 4.5 प्रतिशत अंक होना चाहिए। अनुसूचित जाति/जनजाति के अभयर्थियों (जिनका जाति प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से संलग्न होगा) को नियमानुसार 5% प्राप्तांकों की छूट होगी अर्थात उनके लिए 40% होगा।

() छात्र एम॰एस-सी॰ एम॰ए॰ में प्रवेश के लिए उन्ही विषयों में आवेदन कर सकता है जिन विषयों में उसने स्नातक अंतिम स्तर पर एक प्रमुख विषय के रूप में परीक्षा उत्तीर्ण की हो।

()  1- एल॰एल॰बी॰ त्रिवर्षीय/एल॰एल॰बी॰ पंचवर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु अर्हता परीक्षा में न्यूनतम 45 प्रतिशत अंक होने चाहिए। एस-सी॰/एस-टी॰ के छात्र/ छात्राओं को 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी।

 2- प्रवेश में शासनादेश के अनुसार सभी पाठ्यक्रमों में आरक्षण अनुमन्य होगा। सभी वर्गों में छात्राओं को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जाएगा।

 3- बार कौंसिल ऑफ इंडिया (बी॰सी॰आई॰) द्वारा जारी चैप्टर-II स्टेंडर्ड ऑफ प्रोफेशनल लीगल एडुकेशन के रूल-10 का अनुपालन सभी महाविधालयों द्वारा  किया जाना आवश्यक है। इस नियम का कढ़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।   

() मास्टर ऑफ लॉ (एल॰एल॰एम॰) डिग्री पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए वे छात्र अर्ह होंगे जिन्होंने इस विश्वविद्यालय अथवा किसी अन्य विश्वविद्यालय जो इस विश्विद्यालय द्वारा मान्यता प्राप्त है, की एल.एल.बी. डिग्री (त्रिवर्षीय)/ एल.एल.बी. पांच वर्षीय प्राप्त की हो. एल.एल.बी. प्रथम वर्ष पाठ्यक्रम में प्रवेश लिखित प्रवेश परीक्षा के आधार पर योग्यता सूची द्वारा किया जायेगा। 

() एल.एल.बी.पाठ्यक्रम के एक सेक्शन में 60 से अधिक विद्यार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जाएगा.

21- () अनुचित साधनों का प्रयोग का प्रयास करने वाले छात्रों को, विश्विद्यालय परीक्षा में अभद्र व्यवहार करने वाले विद्यार्थियों की शिकायत प्राप्त होने पर उन्हें किसी भी महाविद्यालय अथवा परिसर के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश नहीं दिया जायेगा.

() वह विद्यार्थी जो पुलिस अभिलेखों के अनुसार हिस्ट्रीशीटर है अथवा अपराध है अथवा अपराध में दोषी सिद्ध पाया गया है अथवा किसी अपराधिक मुकदमे में शामिल है, को किसी भी महाविद्यालय में प्रवेश नहीं दिया जायेगा और यदि पहले से प्रवेश पा चूका है तो उसका प्रवेश किसी भी समय बिना किसी पूर्ण सुचना के निरस्त हो जायेगा.

() महाविद्यालयों के प्राचार्य और विश्विद्यालय के कुलपति महाविद्यालय और विश्विद्यालय में अनुशासन बनाये रखने की द्रष्टि से किसी भी अभ्यर्थी के प्रवेश अथवा पुनः प्रवेश को बिना कोई कारण बताये निरस्त कर सकते हैं, मना कर सकते हैं भले ही मामला जैसा भी हो। 

() किसी भी महाविद्यालय में नियमों के विरुद्ध विद्यार्थियों के किये गये प्रवेश  मान्य नहीं होंगे. विश्वविद्यालय द्वारा प्रवेश हेतु स्वीकृत छात्र संख्या से अधिक प्रवेश को कुलपति द्वारा निरस्त करने का अधिकार होगा। 

() जो विद्यार्थी प्राचार्य/प्राक्टोरियल स्टाफ सहित विश्विद्यालय/महाविद्यालय के शिक्षक, शिक्षनेत्तर कर्मचारी एवं सहपाठियों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा, कुंडागिरी, रैगिंग अथवा विश्विद्यालय/महाविद्यालय के अधिकारी वर्ग के प्रति निंदनीय वातावरण का सर्जन करेगा उसका प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा तथा भविष्य में प्रवेश नहीं दिया जायेगा।       

22-    () बी.एड. और एम.एड. कक्षाओं में प्रवेश राज्य सरकार और एन.सी.टी.. द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होगा. विश्वविद्यालय के द्वारा निहित प्रवेश के सामान्य नियम भी बी.एड. और एम.एड. के विद्यार्थियों पर लागू होंगे। 

      स्पष्टीकरण- बी.एड. तथा एम.एड. कक्षाओं में प्रवेश राज्य सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्, जयपुर (एन.सी.टी..) के निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही किये जायंगे. यधपि विश्विद्यालय के सामान्य प्रवेश नियम भी प्रभावी रहेंगे. ऐसे परीक्षार्थी जिन्होंने स्नातक स्तर पर वर्ष 1988 अथवा उसके बाद 14 वर्षीय शिक्षा ग्रहण की है तो वह परास्नातक स्तर पर प्रवेश के अर्ह नहीं है. अर्थात 11+3 या 10+1+2+2 या 10+1+3 ऐसे छात्रों को एक वर्ष ब्रिजकोर्स निर्धारित पाठ्यक्रम में से करना होगा. जिन छात्रों ने वर्ष 1987 अथवा इससे पूर्व स्नातक परीक्षा द्विवर्शीय पाठ्यकम से उत्तीर्ण की है उन्हें ब्रिजकोर्स करने की आवश्यकता नहीं हैं. जिन छात्रों एक वर्ष का परास्नातक पाठ्यकम पूरा कर लिया है उन्हें परास्नातक के द्वितीय वर्ष के लिए ब्रिजकोर्स करना अनिवार्य नहीं हैं।       स्पष्टीकरण- बी.एड. तथा एम.एड. कक्षाओं में प्रवेश राज्य सरकार एवं राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद्, जयपुर (एन.सी.टी..) के निर्धारित नियमों के अंतर्गत ही किये जायंगे. यधपि विश्विद्यालय के सामान्य प्रवेश नियम भी प्रभावी रहेंगे. ऐसे परीक्षार्थी जिन्होंने स्नातक स्तर पर वर्ष 1988 अथवा उसके बाद 14 वर्षीय शिक्षा ग्रहण की है तो वह परास्नातक स्तर पर प्रवेश के अर्ह नहीं है. अर्थात 11+3 या 10+1+2+2 या 10+1+3 ऐसे छात्रों को एक वर्ष ब्रिजकोर्स निर्धारित पाठ्यक्रम में से करना होगा. जिन छात्रों ने वर्ष 1987 अथवा इससे पूर्व स्नातक परीक्षा द्विवर्शीय पाठ्यकम से उत्तीर्ण की है उन्हें ब्रिजकोर्स करने की आवश्यकता नहीं हैं. जिन छात्रों एक वर्ष का परास्नातक पाठ्यकम पूरा कर लिया है उन्हें परास्नातक के द्वितीय वर्ष के लिए ब्रिजकोर्स करना अनिवार्य नहीं हैं।

() बी.एस-सी- (कृषि) के प्रथम वर्ष में प्रवेश योग्यता के आधार पर होगा. कृषि सहित इंटरमीडीएट या इंटरमीडीएट जीव विज्ञान (बयोग्रुप) न्यूनतम योग्यता होगी. ऐसे प्रवेशार्थी जिन्होंने इंटरमीडीएट विज्ञान (गणित ग्रुप) से उत्तीर्ण किया है उनके प्रवेश पर भी विचार किया जायेगा लेकिन उनकी योग्यता का आगणन उनकी योग्यता सूची से 5 प्रतिशत अंक घटाकर किया जायेगा। स्पष्टीकरण- गणित विषय की यह शर्त वियक्तिगत छात्रों पर भी लागू होगी।

() बी.एड. पाठ्यकम में प्रवेश के लिए अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के अतिरिक्त वहीँ अभ्यर्थी अर्ह होंगे जिन्होंने स्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों।  

एन.सी.टी.. के मानकों के अनुसार यदि स्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक नहीं हैं तो उसी स्ट्रीम में परास्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य होंगे. तभी छात्र बी.एड. प्रवेश परीक्षा हेतु अर्ह होंगे। अर्ह होंगे जिन्होंने स्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक प्राप्त किये हों. एन.सी.टी.. के मानकों के अनुसार यदि स्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक नहीं हैं तो उसी स्ट्रीम में परास्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक होना अनिवार्य होंगे. तभी छात्र बी.एड. प्रवेश परीक्षा हेतु अर्ह होंगे।

       () बी.एड. पाठ्यकम में प्रवेश के लिए न्यूनतम योग्यता स्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक हैं किन्तु एन.सी.टी.. के मानकों के अनुसार यदि छात्र के स्नातक परीक्षा में 50 प्रतिशत अंक नहीं हैं तो बी../ बी.एस-सी./बी.कोम. वाले स्नातकोत्तर उपाधि में 50 प्रतिशत अंक अवश्य होने चाहिय उत्तर प्रदेश के अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए विधि द्वारा स्थापित किसी विश्विद्यालय से स्नातक उपाधि ही उत्तीर्ण होना चाहिए।       

 (.)  बी.सी.. पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिये अर्हता इन्टरमीडीएट गणित विषय होगी।

23-    एम.कॉम. प्रथम वर्ष में प्रवेश के लिए प्रवेशार्थी को बी.कोम. परीक्षा 45% अंकों के साथ उत्तीर्ण होना चाहिए। अनुसूचित जाति /अनुसूचित जनजाति के अभ्यर्थियों के लिए नियमानुसार 5% अंकों की छूट अनुमन्य होगी. ऐसे प्रवेशार्थी जिन्होंने बी.-/ बी.एस-सी. अर्थशास्त्र अथवा गणित प्रमुख विषय के रूप में सहायक/गौण विषय के रूप में नहीं लिया हैं. को एम-कोम- प्रथम वर्ष में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी. परन्तु जिन अभ्यर्थियों ने बी../ बी.एस-सी. में अर्थशास्त्र अथवा गणित विषय उत्तीर्ण किया है उन्हें प्रवेश की अनुमति दी जाएगी. यह नियम संस्थागत छात्रों पर ही लागू होगा. बी-कोम- या ऍम-कोम- में किसी प्रकार के डिप्लोमा चाहे वह बोर्ड ऑफ़ एजुकेशन उत्तर प्रदेश अथवा अन्य किसी बोर्ड से पास किया हो, के आधार पर छात्र प्रवेश का पात्र नहीं मन जायेगा. इस प्रकार के डिप्लोमा को मान्यता प्रदान करने वाले पूर्व के सभी निर्णयों को निरस्त माना जायेगा।

24-    बी.बी.. और बी.सी.. विश्विद्यालय के अन्य स्नातक उपाधियो के समतुल्य हैं। बी.बी.. परीक्षा उत्तीर्ण प्रवेशार्थी ऍम.कोम- और एम.. अर्थशास्त्र और बी.सी.. परीक्षा उत्तीर्ण प्रवेशार्थी एम.एस-सी. गणित और कंप्यूटर साईंस में भी प्रवेश के लिए अर्ह होंगे. बी.बी../बी.सी.- का विधार्थी भी किसी भी स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम अथवा विश्विद्यालय के अन्य किसी भी पाठ्यकम में जिसकी न्यूनता योग्यता स्नातक है, प्रवेश के लिए अर्ह होंगे।

25-    बाहर के विश्विद्यालय के एक उपवेशन (सिटिंग) में स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले विधार्थी इस विश्विद्यालय के किसी पाठ्यकम में अध्ययन के लिए पात्र नहीं होंगे।

26-    जिन विधयाधियो ने जामिया-उर्दू अलीगढ से अबीब कामिल परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे इस विश्विद्यालय के किसी भी अध्ययन/पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए अर्ह नहीं होंगे।

27-    जिन विधयाधियो ने यू.पी.बोर्ड एवं विश्विद्यालय द्वारा मान्य अन्य किसी बोर्ड से इन्टरमीडिएट की परीक्षा उत्तीर्ण की है तो उन्हें स्नातक कक्षाओं में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।

28-    -प्र- माध्यमिक संस्कृत शिक्षा परिषद्, संस्कृत भवन, लखनऊ, द्वारा संचालित उत्तर प्रदेश मध्यमा परीक्षा को इन्टर के समकक्ष मानते हुए स्नातक में प्रवेश हेतु अर्ह माना गया है।

29-    जिन विद्याथियों ने संपूर्णानंद संस्कृत विश्विद्यालय, वाराणसी की शास्त्री परीक्षा उत्तीर्ण की है, वे क्रमशः बी.. एवं एम.. संस्कृत विषय में प्रवेश प्राप्त करने के लिए अर्ह होंगे।

       स्पष्टीकरण सम्पुर्नानद संस्कृत विश्विद्यालय, वाराणसी की शास्त्री एवं संस्कृत के उपाधि प्राप्त छात्र बी-एड- में प्रवेश हेतु है. शिक्षण विषय हेतु हिंदी, संस्कृत एवं शास्त्री उपाधि में जो विषय होंगे उन्हीं विषय में शिक्षण कार्य भी कर सकेंगे।    

30-    बहे विश्विद्यालय से स्नातक की परीक्षा उत्तीर्ण छात्र का नाम स्नातक में अतिरिक्त एकल विषय के लिए नामांकन विचारधारा नहीं होगा. इस विश्विद्यालय से उत्तीर्ण छात्र का नाम स्नातक में अतिरिक्त एकल विषय के लिए नामांकन विचारधारा नहीं होगा. इस विश्विद्यालय से उत्तीर्ण छात्र अपने ही स्ट्रीम में एकल विषय की परीक्षा दे सकते हैं।

31-    किसी विधार्थी को विश्विद्यालय की किसी परीक्षा में बैठने के लिए अनुमत तब तक नहीं किया जायेगा जब तक वह अपनी पूर्व कक्षा/वर्ष की परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर लेता हैं. महाविद्यालय/विभाग परीक्षा फार्म अस्थाई/ अनंतिम रूप से प्रवेश प्राप्त परीक्षार्थियों का परीक्षा फार्मकक्षा/वर्ष के परीक्षा परिणाम को सत्यापित किये बिना अग्रसारित नहीं करेगें।

32-    जिन पाठयकर्मो में प्रवेश, परीक्षा के माध्यम से होगा उन पाठयकर्मो में सीधे प्रवेश की अनुमति नहीं होगी अर्थात जो अभ्यर्थी प्रवेश परीक्षा में सम्मिलित नहीं हुआ, वह किसी भी दशा में प्रवेश का पात्र नहीं होगा। 

33-    प्रवेश समिति दिनांक 05-03-02 के बिंदु सं. 6 (1) के अंतर्गत लिया गया निर्णय निमंवत हैं- “सामान्य रूप से निश्चय किया गया कि जिन पाठयकर्मो में प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश किये जाते हैं उनकी योग्यता सूची, मात्र प्रवेश, परीक्षा में प्राप्त अंकों के आधार पर ही की जाएगी।

34-    बी-टेक- एवं बी-फार्मा उत्तीर्ण छात्र एल-एल-बी- में प्रवेश हेतु अर्ह होंगे।

खंड-‘

विशेष निर्देश:

1-   धर्म जाति और लिंग के भेदभाव बिना प्राप्तांकों के प्रतिशत के आधार पर श्रेष्ठता सूची से प्रवेश लिए जायेंगे (महिला महाविद्यालय को छोड़कर)

2  () शासनादेश अनुरूप महाविद्यालयों/विश्विद्यालयों के छात्रावासों में प्रवेश हेतु स्वीकृत सीटों में से अनुसूचित जाति अनुसूचित जनजाति तथा पिछड़ी जाति के छात्रों के लिए क्रमशः 21 प्रतिशत, 02 प्रतिशत और 27 प्रतिशत स्थान सुरक्षित रखें जायेंगे छात्रावास में आरक्षित स्थान तब तक रखे जायेंगे जब तक प्रवेश की तिथि समाप्त हो।

   () विकलांग/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आरक्षित एवं उत्तर प्रदेश के सेवानिवृत्त अथवा अपंग रक्षाकर्मियों अथवा युद्ध में शहीद हुए रक्षाकर्मियों अथवा उत्तर प्रदेश में तैनात रक्षाकर्मियों के पुत्र/पुत्रियों को प्रत्येक पाठ्यक्रमानुसार संबधित सीटों का अधिकतम 5% मैरिट अथवा महिलाओं के लिए प्रत्येक पाठ्यक्रमानुसार समस्त सीटों का न्यूनतम 20% क्षैतिजीय आरक्षण मान्य होंगा. भूतपूर्व सैनिकों के लिए प्रवेश में क्रमशः 03 प्रतिशत 02 प्रतिशत तथा 01 प्रतिशत का क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया जायेगा।  

      स्पष्टीकरण- विकलांगों की सभी श्रेणियों (द्रष्टिहीन/कम द्रष्टि/श्रवण ह्रास) एवं पालन नि:शक्तता प्रभास्तिकीय अंग घात से लिए प्रथक-प्रथक एक प्रतिशत स्थानों पर प्रवेश सुनिश्चित किया जाये।      

    ()  यदि अनुसुचित जनजाति के छात्र प्रवेश हेतु उपलब्ध नहीं होते हैं तो उनके रिक्त स्थान अनुसूचित जाति छात्रों से भरे जायेंगे. यदि किसी भी आरक्षित श्रेणी में सीटें रिक्त रहती हैं तो उसे सामान्य सीटें मानकर भरी जाएगी. आरक्षण का लाभ केवल उन्हीं छात्रों को मिलेगा जो स्थाई रूप से उत्तर प्रदेश में निवास कर रहे हैं. अन्य प्रदेश के छात्रों के लिए योग्यता (मैरिट) के आधार पर प्रत्येक पाठ्यकम में केवल 5 प्रतिशत स्थान ही प्रवेश हेतु आरक्षित किये जायेंगे और बहार प्रदेशों के सभी छात्र सामान्य श्रेणी के माने जायेंगे।    

3.     विधि प्रवेश परीक्षा एवं एम.एस.सी. प्रवेश परीक्षा में उत्तीर्ण छात्र/छात्राओं को काउंसलिंग के आधार पर सम्पूर्ण पाठ्यक्रम के लिए सीट आबंटित होती हैं. अत: इनमें प्रवेश स्थानान्तरण के सम्बन्ध में प्राचार्य कोई अनापत्ति विश्विद्यालय को प्रषित नहीं करेंगे. काउंसलिंग के आधार पर आबंटित सीटें एक संस्थान से दूसरी संस्थान में स्थानांतरित नहीं होगी।

4.     शासकीय सेवारत कर्मचारियों के पुत्र/पुत्रियों की उनके पिता के स्थानांतरण, छात्रा के विवाह, माता-पिता के स्वर्गवास की स्थिति में अंतिम निवास में रहने हेतु अन्य विश्विद्यालय के छात्र/छात्राओं एवं सम्बद्ध महाविद्यालयों के छात्र/छात्रा का प्रवेश स्थानान्तरण के आधार पर अनुमन्य होगा।

5.     प्रवेश के लिए ज्येष्ठता सूची तैयार करते समय प्रतिवर्ष के अन्तराल के 02 अंक घटाकर प्रवेश योग्यता सूची (मेरिट) तैयार की जाएगी. जिन परीक्षार्थियों ने सत्र 2011-12 में इंटरमीडिएट परीक्षा उत्तीर्ण की है और उन्होंने स्नातक प्रथम वर्ष में (संस्थागत) जुलाई 2015 में प्रवेश ले लिया है, इसी प्रकार सत्र 2011-12 में स्नातक उत्तीर्ण किया है और जुलाई 2015 में परास्नातक में प्रवेश लिया हैं, उनके परीक्षा आवेदन पत्र 03 वर्ष से अधिक अन्तराल के आधार पर निरस्त नहीं किये जायेंगे. उन्हें सत्र 2015-16 की मुख्य परीक्षा में अनुमत किया जाये। 

6.     ऐसा कोई छात्र स्नातक पाठ्यक्रम के प्रवेश से लिए पत्र नहीं होगा जिसने 10+2 परीक्षा उत्तीर्ण नहीं की हो. स्नातकोत्तर कक्षाओं में प्रवेश हेतु 10+2+3 परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य है. शोध कक्षाओं यथा एम-फिल- एवं पी-एच-डी. में प्रवेश हेतु भी छात्र का 10+2+3 के अंतर्गत शिक्षा प्राप्त होना अनिवार्य है। 

7.     मान्यता प्राप्त बोर्ड/विश्विद्यालय की सूची संलग्न है. सामान्यत: महाविद्यालय के विषयों की कक्षा में प्रति सेक्शन 60 छात्रों को ही प्रवेश दिए जायेंगे और विशेष परिस्थिति में कुलपति महोदय 60 के स्थान पर 80 छात्रों के प्रवेश की अनुमति दे सकते हैं या विषय की सम्बद्धता के पत्र में अंकित संख्या तक ही प्रवेश दिए जा सकते हैं. शासन एवं विश्विद्यालय से सम्बद्धता प्राप्त किये बिना किसी भी महाविद्यालय द्वारा कोई प्रवेश नहीं किया जायेगा।

8.     प्रवेश हेतु तैयार की गई मेरिट सूची में निमं विशिष्ट योग्यताओं के अतिरिक्त भारांक प्रदान किये जायेंगे.


   () राष्ट्रीय अथवा अंतर विश्विद्यालय, खेलकूद प्रतियोगीता में भागीदारी  और खेलकूद में विशिष्ट उपलब्धियों के लिए भारांक              10 अंक      

   () विश्विद्यालय टीम में प्रतिनिधित्व                                    05 अंक  

   () विश्विद्यालय/सम्बद्ध महाविद्यालय के (सेवारत, सेवानिवृत्तकर्मचारियों के पुत्र/पुत्री/पति/पत्नी                                      10 अंक      

   ()   एन.सी.सी. के सी प्रमाण पत्र  अथवा बी प्रमाण पत्र  जी ii प्रमाण पत्र                                                   10 अंक

             और बी और जी प्रथम प्रमाण पत्र के लिए                               05 अंक      

   (.) एन.सी.सी. के दो शिविर पूर्ण करने तथा 240 घंटे की सेवाएं                 10 अंक  

       एन.सी.सी. का एक शिविर तथा 240 घंटे की सेवाएं 240 घंटे अथवा 120 घंटे तथा एक शिविर        05 अंक

 


या

       12वीं कक्षा स्तर तक स्काउट/गाइड तृतीय सोपान परीक्षा उत्तीर्ण करने पर   05 अंक      

या

       प्रदेश के राज्यपाल द्वार पुरस्कृत                               10 अंक

       भारत के राष्ट्रपति/उपराष्ट्रपति/प्रधानमंत्री द्वारा पुरस्कृत              10 अंक       

       रोवर्स/रंजर्स निपुण परीक्षा उत्तीर्ण                                05 अंक       

 नोट: किसी भी स्थिति में किसी भी छात्र को 10 अंक से अधिक भारांक नहीं दिए जायेंगे। शैक्षिक योग्यता के आधार पर प्रदत्त श्रेणी की मान्यता यथावत रहेगी-अर्थात भारांक के आधार पर प्रभावित नहीं होगी।नोट: किसी भी स्थिति में किसी भी छात्र को 10 अंक से अधिक भारांक नहीं दिए जायेंगे। शैक्षिक योग्यता के आधार पर प्रदत्त श्रेणी की मान्यता यथावत रहेगी-अर्थात भारांक के आधार पर प्रभावित नहीं होगी।

9.  स्पोर्ट्स कोटे के अंतर्गत राष्ट्रीय अथवा अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक खिलाडी के प्रवेश हेतु प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर कुलपति महोदय द्वारा प्रवेश हेतु विशेष अनुमति दी जा सकती है परन्तु यह नियम प्रवेश परीक्षा के माध्यम से संपन्न होने वाले प्रवेश पर लागु नहीं होगी अर्थात जहाँ प्रवेश परीक्षा के माध्यम से प्रवेश किये जायेगे, उन पर प्रदेश के लिए कुलपति अनुमति नहीं  देंगे।

   स्पष्टीकरण बी.एड. और एम.एड. कक्षाओं में प्रवेश राज्य सरकार और एन.सी.टी.. द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार होगा। बी.एड. एम.एड. तथा रोजगार परक पाठ्यक्रम के प्रवेश पर स्पोर्ट्स कोटा मान्य नहीं होगा।   

10. परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश हेतु उसी विषय में प्रवेश लिया जा सकेगा जिन विषयों में उसने स्नातक की उपाधि प्राप्त की हो एवं अंतिम वर्ष में जो विषय चुने होंगे हो। परास्नातक कक्षाओं में प्रवेश हेतु योग्यता सूची छात्र के स्नातक के तीनों वर्ष के प्राप्तांक (प्रायोगिक परीक्षा को छोड़कर) तथा जिस विषय में प्रवेश चाहता है उसके अंक को सम्मिलित करते हुए योग्यता सूची तैयार की जाएगी। महाविद्यालय स्तर पर तैयार की गई योग्यता सूची एवं प्रतीक्षा सूची की एक प्रति विश्विद्यालय भेजी जाएगी एवं एक प्रति महाविद्यालय के नोटिस बोर्ड पर लगाई जाएगी। जिन कक्षाओं में विश्विद्यालय प्रवेश परीक्षा आयोजित नहीं करेगा उन्हीं कक्षाओं में प्रवेश महाविद्यालय योग्यता सूची से करेगा बी.कोम. प्रथम वर्ष में प्रवेश सामान्यत: उन छात्रों को दिए जायेगे जिन्होंने इंटरमीडिएट (कक्षा 12) अथवा समतुल्य परीक्षा कोमर्स से उत्तीर्ण की हो। बी.कोम. प्रथम वर्ष में प्रवेश हेतु 5 अंक उन छात्रों को प्रदान किये जायेगे जिन्होंने इंटरमीडिएट अथवा समतुल्य परीक्षा कोमर्स से उत्तीर्ण की है. ऐसे छात्र जिन्होंने इंटरमीडिएट परीक्षा विज्ञान, वाणिज्य एवं कृषि से उत्तीर्ण की है एवं बी.. में प्रवेश चाहते हैं उनके 5 अंक घटाकर योग्यता सूची तैयार की जाएगी तथा निर्धारित सीमा के अन्दर ही प्रवेश अनुमन्य किये जायेंगे।

11.     प्राचार्य किसी भी छात्र को संस्था के हित में एवं अनुशासन बनाने के उद्देश्य के लिए बिना कारण बताये प्रवेश के लिए मना कर सकते हैं. किसी भी छात्र का प्रवेश नियमों के विपरीत पाये जाने पर कुलपति/प्राचार्य उसे निरस्त कर सकते हैं।

12. ऐसे छात्र जिन्होंने स्नातक उपाधि अन्य किसी विश्विद्यालय से प्राप्त की हो वह इस विश्विद्यालय से एकल विषय ब्रिज कोर्स की परीक्षा के लिए अर्ह नहीं होंगे।

13. एम.. कक्षा में 10 प्रतिशत सीटें नॉन-स्ट्रीम के लिए आरक्षित होंगी। नॉन-स्ट्रीम के अंतर्गत भोगोल, संगीत, चित्रकला, गृहविज्ञान, मनोविज्ञान आदि विषयों में प्रवेश मान्य नहीं होंगे। एम.. नॉन-स्ट्रीम के अंतर्गत प्रवेश हेतु विज्ञान, वाणिज्य, विधि के स्नातक छात्र ही मान्य होंगे। अर्थात बी.. उत्तीर्ण छात्र नॉन स्ट्रीम के अंतर्गत नहीं आयेगा। यदि किसी छात्र ने बी.. तृतीय वर्ष में अमुक विषय नहीं पढ़ा है तो वह आमुक विषय के लिए नॉन-स्ट्रीम नहीं होंगा। 

14. छात्र जिस श्रेणी (अर्थात सामान्य शुल्क, भुगतान शुल्क, अप्रवासी भारतीय (NRI) शुल्क एवं स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम वाली सीटों) में प्रवेश लेता है तो वह उसी श्रेणी में पूरे पाठ्यकम में अध्ययन करेगा। यह श्रेणी अपरिवर्तन होगी। सामान्यत: किसी भी श्रेणी से दूसरी श्रेणी में प्रवेश स्थानांतरण अनुमन्य नहीं होगा।

15. जिन पाठ्यक्रमों में किसी सक्षम संविधिक निकाय, समिति/अधिकारी से अनुमोदन आवश्यक है उसे प्राप्त करने के ही प्रवेश दिया जाये।

16. स्ववित्तपोषित महाविद्यालय के छात्रों का स्थानांतरण राजकीय महाविद्यालय एवं सहायता प्राप्त अनुदानित महाविद्यालय में नहीं हो सकता हैं किन्तु राजकीय महाविद्यालय एवं सहायता प्राप्त अनुदानित महाविद्यालय के छात्रों का स्थानांतरण स्ववित्तपोषित महाविद्यालय में हो सकता है।

स्थानांतरण के लिए छात्र कारणों का उल्लेख करते हुए दोनों महाविद्यालय के प्राचार्यों की अनापत्ति के साथ विश्विद्यालय में आवेदन करेगा। विश्विद्यालय के अनुमोदन के पश्चात ही स्थानांतरण अनुमन्य होंगे अन्यथा की स्थिति में गलत प्रवेश देने के लिए महाविद्यालय के प्राचार्य स्वयं जिम्मेदार होंगे और विश्विद्यालय ऐसे स्थानांतरित छात्र की परीक्षा संपन्न नहीं कराएगा।   

स्पष्टीकरण- यदि कोई स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रम राजकीय या सहायता प्राप्त अनुदानित महाविद्यालय में चल रहा है तो स्ववित्तपोषित महाविद्यालय के छात्र का स्थानांतरण उपरोक्त महाविद्यालय में हो सकेगा। बिंदु संख्या 04 की शर्ते उक्त स्थानांतरण पर भी लागु होगी।      

17.    विश्विद्यालय परिसर में चल रहे विभिन्न पाठयकर्मो के प्रवेश सम्बंधित विभाग में उपलब्ध नियमों के अनुरूप किये जायेगे।17.    विश्विद्यालय परिसर में चल रहे विभिन्न पाठयकर्मो के प्रवेश सम्बंधित विभाग में उपलब्ध नियमों के अनुरूप किये जायेगे।

18.    डिप्लोमा एवं पी.जी. डिप्लोमा पाठयकर्मो में प्रवेश लेने हेतु क्रमशः इंटरमीडिएट एवं स्नातक परीक्षा में न्यूनतम 45% अंक अनिवार्य हैं। अनुसूचित जाति/जनजाति के अभ्यर्थियों को नियमानुसार 5% अंकों की छूट होगी।

19.   महाविद्यालय में चल रहे विभिन डिप्लोमा पाठ्यकर्मों में न्यूनतम प्रवेश संख्या 10 होगी। न्यूनतम प्रवेश संख्या पूर्ण होने की स्थिति मैं पाठ्यक्रम संचालित किए जाने की अनुमति प्रदान किया जाना संभव नहीं होंगा। साथ ही अधिकतम प्रवेश संख्या 40 निर्धारित की जाती है, इससे अधिक प्रवेश किसी भी स्थिति मैं अनुमन्य नहीं होंगे। 

20.    जो भी छात्र संस्थागत रूप मैं प्रवेश लेता है और वह कहीं पर सरकारी या गैर सरकारी नोकरी कर रहा है तो वह अपने नियोक्ता से अनापत्ति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा और साथ ही पाठ्यक्रम की अवधि दौरान छुट्टी लेगा अन्यथा की स्थिति में प्रवेश निरस्त कर दिया जायेगा। 

यदि यह तथ्य छात्र छुपाया है और अध्ययन के दौरान विश्वविधयालय/महाविधयालय के संज्ञान में बात आती है तो उसे परीक्षा में सम्मिलित नहीं किया जाएगा। 

21.    परीक्षा समिति की बैठक दिनांक 26-07-2013 के पूरक कार्यवृत्त संख्या-4 पर लिए गये निर्णयानुसार इन्दिरा गांधी राष्ट्रिय मुक्त विश्वविधयालय, (इग्नू) नई दिल्ली, उ॰प्र॰ राजश्री टंडन मुक्त विश्विध्यालय, (यू॰पी॰आर॰ टी॰ओ॰यू॰) इलाहाबाद एवं अन्य प्रदेशों की राज्य सरकारों द्वारा अपने प्रवेश में स्थापित मुक्त विश्वविधयालय जो ए॰आई॰यू॰ से मान्यता प्राप्त विश्वविधयालयों की सूची में उल्लिखित है, उन विश्वविधयालय से उत्तीर्ण छात्र/छात्राओं को प्रवेश/परीक्षा फार्म भरने हेतु अर्ह माना जाए साथ ही निर्णय लिया गया की इन्दिरा गांधी राष्ट्रिय मुक्त विश्वविधयालयों, नई दिल्ली से 10+2 की परीक्षा उत्तीर्ण किए बिना 18 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर बी॰पी॰पी॰ के अंतर्गत उत्तीर्ण स्नातक परीक्षा से संबन्धित छात्रों का प्रवेश/वियक्तिगत परीक्षा फार्म भरवाने संबन्धित कार्यवाही की जाए।

22.    विश्वविधयालय अनुदान आयोग नई दिल्ली के पत्र संख्या एफ 5-1/2008 (सीपीपी-11) दिनांक शून्य मई, 2009 के द्वारा राष्ट्रिय प्रौद्धोगिकी संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलोजी) (NITS) को भारत सरकार के अधिनियम एन॰आई॰टी॰ एक्ट 2007 के अंतर्गत राष्ट्रिय महत्व के संस्थान घोषित किया गया है। तदनुसार उन्हें डिग्री देने हेतु अधिकृत किया गया है, इनसे प्राप्त उपाधि का प्रवेश विश्विद्यालय में हो सकेगा। (प्रवेश समिति की बैठक दिनांक 31-08-2012 द्वारा अनुमोदित)

23.    प्रवेश नियमावली में जहाँ-जहाँ न्यूनतम अंकों को योग्यता के लिए निर्धारित किया गया है उनसे कोई शिथिलता प्रदान नहीं की जाएगी अर्थात यदि प्रवेश हेतु 45 प्रतिशत अंक मान्य हैं तो 44.9 प्रतिशत अंक मान्य नहीं होगा।

 

 

 


B.A. I
Merit Based
B.Sc.
Merit Based
M.Sc. I
University Level
Enterance Test
M.A. I
Merit Based
B.Com.
Merit Based
M.Com.
Merit Based
B.Ed.
State Level
Enterance Test